
मिर्जापुर जनपद से आम आदमी पार्टी की तीसरे चरण की पदयात्रा की शुरुआत हो चुकी है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सामाजिक न्याय और रोजगार को केंद्र में रखते हुए मिर्जापुर से वाराणसी तक पैदल मार्च शुरू किया।
इस दौरान उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला और मौजूदा नीतियों को युवाओं के साथ “अन्याय” करार दिया।
“UP बन चुका है देश का सबसे बेरोजगार राज्य”
पदयात्रा के दौरान संजय सिंह ने कहा कि “उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे ज्यादा बेरोजगार राज्य बन चुका है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार के नाम पर युवाओं को सिर्फ लाठियां और मुकदमे मिल रहे हैं। बुनकर, रेहड़ी-पटरी वाले, शिक्षा मित्र, आशा बहुएं और रोजगार सेवक — सभी अपने अधिकारों और नियमितीकरण के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार आंखें मूंदे बैठी है।
Investor Summit पर सवाल: ‘आंकड़े हैं, नौकरी नहीं’
AAP सांसद ने सरकार के इन्वेस्टर समिट के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लाखों करोड़ के निवेश के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर रोजगार नदारद है।
उनके शब्दों में,
“इन्वेस्टर समिट फाइलों और पोस्टरों तक सीमित रह गई है, युवाओं की थाली तक नहीं पहुंची।”
संविधान शिक्षा अनिवार्य करने की मांग
संजय सिंह ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्राइमरी से लेकर ग्रेजुएशन तक संविधान की शिक्षा अनिवार्य की जानी चाहिए, ताकि लोग अपने अधिकार समझ सकें और लोकतंत्र मजबूत हो।

उनका मानना है कि अधिकारों की जानकारी ही नागरिकों को सत्ता से सवाल पूछने की ताकत देती है।
मणिकर्णिका घाट और मंदिरों पर विवादित टिप्पणी
पदयात्रा के दौरान संजय सिंह ने मणिकर्णिका घाट के निर्माण कार्य का विरोध किया। उन्होंने कहा कि 18वीं शताब्दी में अहिल्याबाई होल्कर द्वारा बनवाए गए इस ऐतिहासिक घाट को तोड़ा जा रहा है।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि “अगर कोई विदेशी आक्रांता मंदिर तोड़ता, तो देश एकजुट हो जाता, लेकिन आज सत्ता के खिलाफ बोलने की हिम्मत कोई नहीं कर पा रहा।”
संजय सिंह ने दावा किया कि काशी की पौराणिक और धार्मिक विरासत से छेड़छाड़ करना भगवान का अपमान है और यह तोड़फोड़ तुरंत रोकी जानी चाहिए।
“Budget: Taxpayer बोले—इस बार Excel Sheet नहीं, Real Relief चाहिए!”
